मुझे बरबाद करने की फ़िराक में ये आदमी

ज़िंदगी में पहली बार काम-धाम के बारे में तब सोचा, जब बड़े राजकुमार चिरंजीव ज्योतिर्मय जी के हमारे घर आने…

Continue Reading →

अर्जुन – 2 : गुनाहों का देवता है हर पात्र

यार एक बात बताओ तुम मुझे परफेक्ट बनाना चाहते हो या कम्पलीट? अर्जुन भौचक्का-सा उसकी तरफ देखता रह गया. उसने…

Continue Reading →