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Category: Jan (Third) 2019

बब्बा, मैं जीवन सिखाती हूँ

बात दो तीन दिन पहले की है, जब मेकिंग इंडिया की पिछले वर्ष की यादें अपनी फेसबुक वाल पर शेयर करने के लिए जैसे ही वेबसाइट पर 14 तारीख पर गयी. तो एक बहुत खूबसूरत दृश्य देखा. शुरू की दो ख़बरों में एक में मेरी तस्वीर थी एक में बब्बा (ओशो) की. मेरी तस्वीर वाले […]

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नायिका -15 : किताबें पढ़ी ही नहीं, सुनी भी जाती हैं!

नायिका – ये 8 रोटी वाली बात समझ नहीं आई…. समझा कर रखना कल आकर पढ़ूँगी… कहा था… कुछ याद है? विनायक – हम भी सारे जहान का बोझ उठाए फिरते हैं पर इतनी कमज़ोर तो नहीं हमारी याददाश्त जितनी लोगों की…. आपने जब पूछा था कि कुछ तो काम करते होंगे…. तो लंबी चौड़ी […]

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VIDEO : पिक्चर अभी बाकी है दोस्त

तो पिछले वीडियो में मैंने वादा किया था कि जीवन के एक स्वर्णिम नियम के बारे में बताऊंगी जो मैंने जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों से जाना है… बाकी आपने बड़े बड़े ग्रंथों में पढ़ा होगा कि जीवन एक माया है… और मैं आप सबकी सुविधा के लिए इसे एक फिल्म कह देती हूँ. तो जीवन […]

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यात्रा : झुमका गिरा रे, बरेली के बाज़ार में

शायद ही कोई होगा जिसने यह गाना नहीं सुना होगा, लेकिन आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि आखिर झुमका बरेली में ही क्यों गिरा, जबकि दिल्ली का मीना बाज़ार अधिक प्रसिद्ध है, और मुम्बई की भीड़ देखो सबसे ज़्यादा धक्का मुक्की वहीं होती है तो सबसे ज़्यादा चांस झुमके के गिरने के […]

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प्रेम कहानी : हौसलों की उड़ान

लड़की अनमनाई हुई सी उठी चूल्हे को आँच लगाते हुये. शायद गोवर्धन चाचा (दूध वाले) आवाज दे रहे थे. गोवर्धन चाचा से अभी दूध की बाल्टी ले ही रही थी तभी बाबू जी आ गये और उसी वक्त चाय बना कर माता जी आ गयीं… गपशप चाय के पीने के बाद मौसी की बेटी मुनियाँ […]

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व्यंग्य : विश्व पुस्तक मेले के बहाने

देवांशु तेरे कितने नाम…. मैं लगभग आश्वस्त हो चुका हूं कि लिखने वालों में से अधिकांश बहुत स्वार्थी, बेईमान और पिलपिले किस्म के भावुक हैं। इन्हें शब्दों के जाल में लोगों को फांसना आता है। इनका एकमात्र मंतव्य अपना प्रचार और लोकप्रियता हासिल करना है। खासकर, पुरुष को स्त्री का आकर्षण और स्त्री को पुरुष […]

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शकुन शास्त्र – 3 : सबकुछ पूर्व नियोजित और सुनिश्चित है

शकुनों में हमें असम्भावना इसलिए प्रतीत होती है कि हम परिणामों को निश्चित नहीं मानते. फ्रांस के किसी वैज्ञानिक ने एक समुद्रीय पौधे को बाहर स्थल पर लगाया और उस पर पड़ने वाले सूक्ष्म प्रभाव का गणित करता गया. सूर्य-ताप का क्रम तथा देशों की स्थिति आदि का हिसाब करके उसने दो सौ वर्ष तक […]

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