नाग लोक का रहस्य – 2 : Sri M की नाग लोक के उपनायक से मुलाकात

भाषा की क्लिष्टता का उपयोग अधिकतर वहां किया जाता है जहाँ कहने को कम और प्रदर्शन के लिए अधिक होता…

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नायिका – 17 : बरगद की चुड़ैल और श्मशान चम्पा

नायिका – मैं बता देती हूँ एक बार और मुझे मोबाइल नंबर नहीं चाहिए… नहीं चाहिए… नहीं चाहिए….. विनायक –…

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शकुन शास्त्र – 5 : सूक्ष्म जगत की वस्तु का स्थूल जगत में प्रकटीकरण

हमने पहले बताया है कि जड़वादियों के लिए भी पशु-पक्षी आदि से ज्ञात शकुन मान्य होने चाहिए, परन्तु जड़वाद को…

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तरानों से झांकते प्रेमप्रश्न

तरानों का संसार प्रेमियों का प्रकाश-लोक है. एक ऐसा लोक, जहाँ उनके सभी प्रश्नों के काव्यात्मक उत्तर रहते हैं. मसलन,…

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व्यंग्य : यक्ष इन पुस्तक मेला

दिल्ली का पुस्तक मेला समाप्त हो चुका था, धर्मराज युधिष्ठिर हस्तिनापुर के अलावा इंद्रप्रस्थ के भी सम्राट थे। अचानक यक्ष…

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