AskAmma : पश्चिम तुम्हें देख अचंभित है, तुम कब झांकोगे अपने मन में पूरब वालों!

कुछ दो तीन वर्षों पहले जिन दिनों मार्क जुकरबर्ग की नीम करोली बाबा से मिलने आने वाली खबर चर्चा में…

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नायिका -19 : इतनी मिलती है सूरत से तेरी गज़ल मेरी, लोग मुझको तेरा महबूब समझते होंगे

विनायक – हाँ नायिका!!! है ना कमाल कि ज़िंदा हो!!!! लेकिन ऐसा लग रहा है, हो नहीं!!!! मरनेवाले के लिए…

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शिक्षक : स्वयं की ज्योति को अखंड रखकर ही एक दीपक प्रज्जवलित कर सकता है दूसरे दीपक को

एक शिक्षक वास्तव में कभी भी नहीं पढ़ा सकता यदि वह स्वयं आज न पढ़ रहा हो, एक दीपक दूसरे…

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लोहा सिंह : जब लेखक खुद प्रसिद्ध हो गए नाटक के चरित्र के नाम से

अभी कुछ महीनों पहले हिंदी व भोजपुरी के प्रसिद्ध साहित्यकार श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी से बात हुई थी . चर्चा…

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