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Category: Dec (Third) 2018

SPINAL CORD : स्वस्थ शरीर का केंद्र जिसे भुलाकर हमने बीमारियों को दिया न्योता

पिछले दिनों सद्गुरु का एक बहुत ही दिलचस्प वीडियो देखा. सबसे बड़ी बात जिसने मुझे अचंभित किया वह यह कि शुद्ध शरीर तल की बात करने वाले चिकित्सकों के बीच उन्हीं की शब्दावली में अध्यात्म की बात करना सिर्फ सद्गुरु के बस का ही है. जहाँ एक ओर किसी शरीर में दिल के बंद हो […]

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प्रतीक्षा-मिलन : अंतर्मन की भाषा का शाब्दिक प्रकटन

देखिये मैं बहुत संकोची स्वभाव का हूँ, बहुत कम इस शैली में बात करता हूँ… आपने आग्रह किया तो कह दिया… वर्ना मुझे बहुत कष्ट होता है अंतर्मन की भाषा को शब्दों में प्रकट करना… यह तो ऐसा ही है ना जैसे आप चेतना को देह देने का प्रयास कर रहे हैं… अंतर्मन के भाव […]

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नायिका – 10 : उनका फरमान!!!

भला लिखना भी मजबूरी में हो सकता है क्या? न दिमाग में कोई विचार हो, न मन में कोई उमंग, कलम उठाते ही हाथ में दर्द शुरु हो जाये, न लिखने के दसियों बहाने सूझे, पर नहीं साहब, लिखना तो पड़ेगा! पर क्यों? ऐसी भी क्या विवशता है? है न, उनका फरमान!!! पहले फतवा दे […]

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बाहर के अनुभव, अंतर की यात्रा

जब मैंने आंखें खोली, पाया स्वयं को एक सुंदर निर्जन टापू पर। सुबह जागता, सागर में नहाता, नारियल और मछली खाता, नमकीन सिक्ता पर पत्ते बिछा, डूबते सूरज को निहारता। रात को अग्नि जला, धारणा करता, एक से दो होने की। नसों में रक्त उबलता, और एक दिन, फलीभूत हुआ संकल्प मेरा। निविड़ अंधकार में […]

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इस रिश्ते को क्या नाम दूँ?

दुनिया को तो एक ही रिश्ता समझ आता है, काम का रिश्ता। मैं इस रिश्ते को क्या नाम दूँ?? उसका नाम सोना था। सांवली, प्यारी सी। विधाता ने पता नहीं किस प्रारब्ध की सजा देने हेतु उसे मेरे घर में जन्म दिया था। सबकी लाडली, अपनी वृद्ध माँ की आँख का तारा, जिसका शायद यह […]

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कुछ तो लोग कहेंगे

आजकल की सबसे बड़ी बीमारी है – लोग क्या कहेंगे? यह वाक्य हमारे ज़हन में इस तरह रच बस गया है कि इसे निकालना नितांत हीं मुश्किल है। आपने वह मशहूर कहानी ज़रूर सुनी होगी जिसमें बाप बेटे एक गधे के साथ सफर कर रहे होते हैं। लोगों के कहने पर कभी बाप गधे पर […]

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मन का मनका

मित्रों, हमारा सबसे पक्का साथी कौन है? वह कौन है जो सुख-दुख में, स्वर्ग-नर्क में हमारा साथ नहीं छोड़ता। जीव के दो नित्य मित्र है ऊपर ब्रम्ह और नीचे मन है। ब्रम्ह पालक सखा और जीव बालक सखा है, इसी प्रकार मन बालक सखा और जीव पालक सखा है। माँ, बाप, भाई, बहन, पत्नी, पुत्र […]

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