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Category: Dec (Fourth) 2018

इनबॉक्स बनाम कन्फेशन बॉक्स : ये दुनिया आभासी नहीं आभा-सी है

बचपन में दूरदर्शन पर एक टीवी सीरियल या फिल्म देखी थी, अब याद नहीं कि सीरियल था या फिल्म लेकिन उसका विषय और मुख्य कलाकार मस्तिष्क की किसी पर्त में जमा रह गया. इसलिए क्योंकि विषय बहुत अलग था.. मुख्य कलाकार थे पेंटल, एक परिपक्व अभिनेता… जिन्होंने उन दिनों कई टीवी सीरियल और फिल्मों में […]

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नायिका – 11 : जल की कोख से

नायक – इतने तो लेखक हैं और संसार भर के विषयों पर लिख रहे हैं, मै भी लिखूँ? अरे बचा क्या है लिखने के लिये, ऊपर से मेरा लिखने का ये ढंग, अब तो लिखे हुये पर शर्म आ रही थी. अभी तक जिनकी आवाज़ आदेशों के रूप मे कानों में गूंज रही थी, सहसा […]

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जीवन-रेखा : धरती-सी का रहस्य

गुलाबी बातें गुलाबी गालों की विरासत होती हैं.. जिन गालों पर उदासी का पीलापन चढ़ जाता है उनके हिस्से में आती है दुनिया की रवायतें, ज़िंदगी की रुसवाइयां, इंतज़ार की पहाड़ियां और आंसुओं की नदियाँ… लेकिन इन चार बातों को रुबाई बनाकर जब कोई दरवेश अपनी आवाज़ में उतारता है तो गुलाबी गालों पर भी […]

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Multitasking : कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमती ने कुनबा जोड़ा

लोग मुझसे अक्सर पूछते हैं आप घर परिवार और मेकिंग इंडिया के साथ सोशल मीडिया भी… एक साथ सबकुछ कैसे संभाल लेती हैं. आपकी मल्टीटास्किंग गज़ब की है. कई करीबी मित्रों ने तो सीधे सीधे यही पूछा, दिन भर यहीं (सोशल मीडिया) पर ही जमी रहती हो, घर में झाडू, बर्तन, कपड़ा, खाना कौन करता […]

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दिखाऊपन से उबाऊपन की ओर बढ़ता आज का युवा

हम दिखाऊपन में बुरी तरह कैद हो चुके हैं, प्रिया प्रकाश की आंख पर शहीद हो जाने वाले करोड़ों युवा इस बात का साक्षात्कार देते हैं, कि दुनिया भर में अगर ठरक के अग्रणी उत्पादक कहीं हैं तो हम ही हैं। देश में मिस वर्ल्ड का खिताब लाने वाली लड़की से ज्यादा आंख मारने वाली […]

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वह अजीब स्त्री : ज़िन्दा स्त्री को अफॉर्ड करना हर पुरुष के वश का नहीं

लोग बताते हैं कि जवानी में वह बहुत सुन्दर स्त्री थी। हर कोई पा लेने की ज़िद के साथ उसके पीछे लगा था। लेकिन शादी उसने एक बहुत साधारण इंसान से की, जिसका ना धर्म मेल खाता था, ना कल्चर। वह सुन्दर भी खास नहीं था और कमाता भी खास नहीं था। बहुत बड़े, रसूखदार […]

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जापान लव इन टोक्यो : ओनसेन में डुबकी लगाने के बाद हुआ जैसे पुनर्जन्म

किनोसाकी में जब हम युकाता और लकड़ी की सैंडल “गेता” पहनकर घूमने निकले तो एक बार लगा कि पूरा शहर ही रयोकान का कॉरिडोर है. दोनों तरफ पारंपरिक दुकाने, सड़क पर हर व्यक्ति – पुरुष, महिला, और बच्चे – युकाता, किमोनो (पारंपरिक परिधान जिन्हें महिलाएं विशेष अवसरों पर पहनती हैं) और गेता में मिले. गेता […]

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