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Category: August (Second) 2018

मानो या ना मानो : वामांगी-उत्सव पुनर्जन्म एक प्रेमकथा

वामांगी, जिसका ज़िक्र पहले आता है उसके बाद आती है वह.. पैरों की ऊंगलियों के नाखून बढ़ाकर रखती है, लेकिन उस पर महावर नहीं होता, बाकी उसके महावर से रंगे पाँव जहाँ जहाँ पड़ते हैं रास्ता गुलाबी हो जाता है। पैरों में पायल नहीं बस काला धागा डाले रहती है, जैसे नदी के दुधिया पानी […]

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गाइड : एक आभा-सी संवाद

आपके चश्मे का नम्बर क्या है? क्यों? मेरी आँखों से तो मुझे ही देखना है नंबर जानकर क्या करेंगी… नहीं, देखना है, किस नंबर पर पहुँचने के बाद मुझे पहचान सके… सातवें जन्म के बाद.. ओह! नम्बर बहुत अधिक है, गाजर खाया कीजिये.. मेरे पास किटी नहीं है जो गाजर खिलाए… वैसे जासूस भी आप […]

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सूरज का प्रेम

प्रेम पर न जाने कितनी ही फ़िल्में बनी हैं लेकिन सूरज ने प्रेम को एक स्थायी चरित्र बना दिया, वो हर फिल्म में प्रेम ही रहा और उसने अपने इस चरित्र को बखूबी निभाया भी। जी हाँ हम बात कर रहे हैं सलमान की, जिनका ज़िक्र बाद में आता है उसके पहले उनकी असफल प्रेम […]

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Fritjof Capra, The TAO of PHYSICS के बहाने : तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा

सुबह जागी तो दो शब्द मुंह पर थे तन्मय और तल्लीन, और लगा कोई रचना इन दो शब्दों के आसपास बुनकर जागी हूँ। एमी माँ (अमृता प्रीतम) के अनुसार इसे ‘सांध्य भाषा’ कहते हैं जब आप अर्धचेतनावस्था में कुछ रच रहे होते हैं और जागने पर भी पूरी तरह से या झलक भर याद रह […]

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‘Zombie Boy’ Rick Genest की आत्महत्या : बालकनी से नहीं, जीवन से कूद गया है युवा वर्ग

बीती 1 अगस्त को खबर पढ़ी कि Rick Genest जो Zombie Boy के नाम से प्रसिद्ध था, ने सिर्फ़ 32 वर्ष की उम्र में बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। Zombie Boy के बारे में बहुत अधिक नहीं जानती, बस इतना कि Lady Gaga के किसी म्यूज़िक एल्बम में काम किया था, एक मॉडल, संगीतकार […]

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The Quantum Doctors : बीमारी को ऐसे दुत्कारें ‘चल हट भाग यहां से’

यदि आप Autoimmune disease का अर्थ देखेंगे तो होता है – An autoimmune disease is a condition in which your immune system mistakenly attacks your body. अब यदि ऐसे में आप अपने इम्यून सिस्टम को समझाएं कि जिस पर तुम आक्रमण कर रहे हो वो तुम्हारा ही भाई बंधु है तो क्यों नहीं सुनेगा? जो […]

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माँ के जीवन से : YOU ARE MY PARLE-G

हम भारतीयों में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने अपने जीवन में Parle-G बिस्किट नहीं खाए होंगे। पारले जी के साथ और बाद बहुत सारे ब्रांड आए, लेकिन पारले जी जैसे वटवृक्ष की जड़ें न हिला सके। भारत की कुछ नामी कंपनियों में पारले जी एक ऐसा नाम है जिसका इतिहास भारत की स्वतंत्रता के […]

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