मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : हस्या ई कंजर

नामचीन उपन्यासकार और पॉकेट बुक्स के शहंशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक की जब मैं नई-नई पाठिका बनी थी तब उन्हें एक लंबा सा पत्र लिखा था. वो पत्र उन तक पहुँच पाया या नहीं ये मुझे नहीं पता…. उस समय ज्योतिर्मय मेरे गर्भ में थे… 2009 में लिखे उस पत्र को … Continue reading मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : हस्या ई कंजर