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Author: Making India Desk

बिना एलोपैथिक दवाई के एक डॉक्टर ने दूर किये खुद के असाध्य रोग

छात्र जीवन में ही मेरे पिता की मृत्यु हो गई. मेडिकल स्टूडेंट होने के नाते पीछे नज़र घुमा कर देखा तो पाया मेरे दादाजी सहित कई पारिवारिक पुरुषों की मृत्यु वरिष्ठ नागरिक बनने से पूर्व ही हुई. कारण तलाशा तो सभी हृदय रोग, डायबटीज, हाई ब्लडप्रेशर से हुये शारीरिक नुकसान के चलते जल्द ही इस […]

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नायिका -1 : Introducing NAYAK

दिक्कत क्या है मेरे साथ जानती हो? मेरे होश नहीं खोते. सच… ऐसा ही हूँ. कुछ चुरा लेने का क्रेडिट तुमसे छीन रहा हूँ. मेरे होते हुए कुछ चुराने की क्या ज़रूरत? हाँ तुमसे शेयर बहुत कुछ किया… होश में किया… और अभी किया ही कितना है? समुद्र से बूँद जितना… यकीन करो, सारे जीवन […]

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आरक्षण के बहाने : बबूल बोनेवाले आम की फसल नहीं उगने पर बंद करें मातम करना

मेरी पुत्री ने स्नातक परीक्षा पास करने के बाद स्नातकोत्तर कक्षा में प्रवेश लिया ही था कि उसके द्वारा दी गयी बैंक की क्लैरिकल और प्रोबेशनरी ऑफिसर की परीक्षा के परिणाम आ गए थे। उसका दोनों में चयन हो गया था। प्रोबेशनरी ऑफिसर पद के साक्षात्कार में मिले अंकों में कुछ कमी के कारण अन्तिम […]

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नाभि कुदरत की एक अद्भुत देन

एक 62 वर्ष के बुजुर्ग को अचानक बाईं आँख से कम दिखना शुरू हो गया। खासकर रात को नज़र न के बराबर होने लगी। जाँच करने से यह निष्कर्ष निकला कि उनकी आँखे ठीक है परंतु बाईं आँख की रक्त नलियाँ सूख रही है। रिपोर्ट में यह सामने आया कि अब वो जीवन भर देख […]

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सहजन : सब जन की समस्या का निदान देता एक जादुई वृक्ष

यूं तो इसे मुनगा कहते हैं लेकिन मुझे इसका सहजन नाम अधिक पसंद है. इसका संधि विच्छेद करें तो होता है सह+जन, यानी जो सब जन के साथ है. कहते हैं मृत शरीर को जीवित करने के अलावा यह सारे रोगों को दूर कर सकती है. एक फली जो फलने फूलने से पहले ही अपनी […]

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LGBT : अप्राकृतिक चलन को रोकने का एक ही रास्ता बचता है,’संस्कार’

वामपंथ का एक और रिक्रूटमेंट काउंटर भर खुला है समलैंगिकता पर कोर्ट के निर्णय के साथ ही लोगबाग जाग गए. हमने प्रतिक्रियाएँ देनी शुरू कर दीं क्योंकि हम किस बात पर प्रतिक्रिया देंगे यह हमेशा दूसरे खेमे से तय किया जाता है. एक सामान्य प्रतिक्रिया है कि लोगों को पप्पू याद आएगा ही आएगा. कुछ […]

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जीवन का पूर्ण सत्य : आधा है चंद्रमा रात आधी

आसमान का नीला रंग चुराकर, प्रेम की नदी में घोल आने से नदी आसमानी हो जाती है. कामनाएं दुनियावी पैरहन उतारकर नीले रंग को देह पर मलती हैं, और जलपरियों की भांति क्रीड़ा करती हुई चाँद का गोला एक दूसरे पर उछालती हैं… गीले पानी में सूखे भाव भी, तेज़ी से भागती रात के साथ […]

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जिसकी रचना इतनी सुन्दर, वो कितना सुन्दर होगा

सुन्दरता से आकर्षित होना स्वभाविक ही है, लेकिन सुन्दरता है क्या? कौन सुन्दर है कौन सुन्दर नहीं, इसका उत्तर एक ही है, जो पसंद आये या आकर्षित करे वहीं सुन्दर है, हर व्यक्ति के लिये सुन्दरता के मायने अलग अलग है, और सुन्दरता के पैमाने समय समय पर बदलते ही रहते हैं, एक ही व्यक्ति […]

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मानो या न मानो : सिर्फ़ सोचने भर से सब हो जाता है

Pareidolia का अर्थ खोजने जाएंगे तो वो कहेंगे Pareidolia is a psychological phenomenon in which the mind responds to a stimulus, usually an image or a sound, by perceiving a familiar pattern where none exists. उनके हिसाब से ऐसी कोई वस्तु वास्तविक रूप से नहीं होती बस यह आँखों का भ्रम या आप इसे Illusion […]

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ज्योतिषाचार्य राहुल सिंह राठौड़ : तुच्छ सुखों की कामना में न गंवाएं, अनमोल है मनुष्य जन्म

आप की अदालत में रजत शर्मा जी ने मनोज तिवारी जी से सवाल पूछ लिया कि आप हमेशा अपना रोल बदल लेते हैं. आप कभी क्रिकेटर बनने के लिए लगे, कभी फिजिकल एजुकेशन के टीचर बनना चाहते थे, बाद में गायक बनें, फिर अभिनेता बनें और अब आप भाजपा के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष बन […]

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