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Author: Making India Desk

प्रेम पत्र : इश्क़ की दास्तान है प्यारे, अपनी-अपनी ज़बान है प्यारे

ये नहीं कि मैं बिना बात किए नहीं रह सकता. रह सकता हूँ. सिर्फ ये एहसास ही काफी होता है कि कोई है, जिससे मैं जब चाहे बात कर सकता हूँ. पिछले 53 घंटों से मैं चुप हूँ. आसपास लोग भी हैं जिनसे मैं कह रहा हूँ, वो सुन रहे हैं, वो कह रहे हैं, […]

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एक थी अमृता : मेरी सेज हाज़िर है, पर जूते-कमीज़ की तरह तू अपना बदन भी उतार दे

आत्ममिलन मेरी सेज हाज़िर है पर जूते और कमीज़ की तरह तू अपना बदन भी उतार दे उधर मूढ़े पर रख दे कोई खास बात नहीं बस अपने अपने देश का रिवाज़ है…… एमी माँ का एक-एक शब्द उनके अनुभवों और अनुभूति की यात्रा है. उस स्तर पर जाकर समझ पाना तो मुमकिन नहीं, जिस […]

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मानो या ना मानो : साक्षात माँ काली से बातें करता है वह!

आठ साल बाद हरेन्द्र फिर से मेरी ज़िंदगी में अचानक से आ गया है. दो-तीन दिन पहले मुझसे मिलने ग्वालियर से दिल्ली आया था. पहली बार 2010 में एक मित्र हरेन्द्र को मेरे कमरे पर मिलने के लिए ले आये थे. उन्होंने मुझे चुपके से बताया था कि इस पर माँ दुर्गा का वास है, […]

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सुरबहार : ओ सजना, बरखा बहार आई

ओ सजना, बरखा बहार आई, यह गीत साधना की सादगी के दिनों का सौंदर्य गीत है, एक नाज़ुक सी लड़की बारिश की रिमझिम में पिया मिलन की आस में गीत गूंथ रही है… यह उस समय का गीत है जब उसे अपने चौड़े माथे की सुंदरता किसी पैमाने पर कम न लगती थी, और साधना […]

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पैसा, प्रेम, परमात्मा : प्रचलित, प्रचलन, प्रचोदयात

जैसा कि मेरे साथ हमेशा होता है मेरा रचनात्मक संसार मेरे साथ कोई न कोई खेल खेल रहा होता है, अधिकतर अर्ध चैतन्य अवस्था में कोई शब्द मुझे पकड़ा दिया जाता है और कहा जाता है बुनो इसके आसपास ताना बाना। अरे भाई यहाँ कोई शब्दों और ज्ञान का खज़ाना थोड़ी ना बंट रहा है […]

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ओ मारिया : Paulo Coelho की पुस्तक Eleven Minutes की नायिका

अगर मुझे आज की ज़िंदगी के बारे में किसी को बताना पड़े, तो मैं इस तरह बता सकती हूँ, जिससे समझ में यह आए कि मैं एक साहसी, प्रसन्न और स्वतन्त्र महिला हूँ… बकवास : मुझे तो उस शब्द को कहने के भी इजाज़त नहीं है जो ग्यारह मिनटों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है- प्यार!!! अपने […]

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#AskAmma : इतने भयंकर Viral Infection में भी Antibiotic नहीं ली, क्यों?

ले लो मेरी अम्मा कम से कम बुखार की दवाई ले लो, तप रही हो एकदम… ध्यान बाबा, शरीर पर विषाणुओं ने हमला किया है तो Antibodies सक्रीय हुई हैं, ऐसे में बुखार चढ़ता ही है, शरीर को कम से कम बीमारी से लड़ने तो दीजिये, जब लगे कि अब ये नहीं बचने वाली तो […]

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मानो या ना मानो : वामांगी-उत्सव पुनर्जन्म एक प्रेमकथा

वामांगी, जिसका ज़िक्र पहले आता है उसके बाद आती है वह.. पैरों की ऊंगलियों के नाखून बढ़ाकर रखती है, लेकिन उस पर महावर नहीं होता, बाकी उसके महावर से रंगे पाँव जहाँ जहाँ पड़ते हैं रास्ता गुलाबी हो जाता है। पैरों में पायल नहीं बस काला धागा डाले रहती है, जैसे नदी के दुधिया पानी […]

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गाइड : एक आभा-सी संवाद

आपके चश्मे का नम्बर क्या है? क्यों? मेरी आँखों से तो मुझे ही देखना है नंबर जानकर क्या करेंगी… नहीं, देखना है, किस नंबर पर पहुँचने के बाद मुझे पहचान सके… सातवें जन्म के बाद.. ओह! नम्बर बहुत अधिक है, गाजर खाया कीजिये.. मेरे पास किटी नहीं है जो गाजर खिलाए… वैसे जासूस भी आप […]

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सूरज का प्रेम

प्रेम पर न जाने कितनी ही फ़िल्में बनी हैं लेकिन सूरज ने प्रेम को एक स्थायी चरित्र बना दिया, वो हर फिल्म में प्रेम ही रहा और उसने अपने इस चरित्र को बखूबी निभाया भी। जी हाँ हम बात कर रहे हैं सलमान की, जिनका ज़िक्र बाद में आता है उसके पहले उनकी असफल प्रेम […]

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