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दुनिया रंग रंगीली

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क्या आप जानते हैं जापान के ओसाका में स्थित गेट टावर बिल्डिंग किसी साइंस फिक्शन मूवी का आभास देती है!

यह विश्व की एक मात्र बिल्डिंग है जिसके बीच में से एक्सप्रेसहाइवे गुज़रता है, और ऊपर व नीचे लोग रहते हैं।

जी हां, ओसका के फुकीसमा कु स्थित 16 मंज़िला बिल्डिंग 236 फुट ऊंची है, इसके पांचवें, छठे और सातवें माले के बीच हेंसिन एक्सप्रेस वे सिस्टम नाम का हाईवे गुज़रता है, जगह के इस्तेमाल के कारण प्रशासन मालिक को 3 मंज़िल का किराया भी चुकाता है।

अजुसा सेकेई और यमोता निसिहारा नाम के इंजीनयर ने इस बिल्डिंग को डिज़ाइन किया है, बिल्डिंग की लिफ्ट हाइवे के तीन मालों पर नहीं रुकती और इसके खास तरह के स्ट्रक्चर की वजह से गाड़ियों के हॉर्न की आवाज़ या वाइब्रेशन बिल्डिंग के अन्य मालों पर नहीं जाते, इस बिल्डिंग के ऊपर हेलीपेड भी है।

1992 में बनके तैयार हुई इस बिल्डिंग का नक्शा 1982 में तैयार हुआ था, मगर इसकी परमिट को रोक दिया गया था, क्योंकि यह पहले से ही हाइवे निर्माण की योजना बन गयी थी।

मगर बिल्डिंग के प्रॉपर्टी राइट्स होल्डर ने हार नहीं मानी 5 साल तक एक्सप्रेसवे कॉर्पोरेशन के साथ उनका विवाद चलता रहा, इसके बाद 1989 में सिटी प्लानिंग और हाइवे कानूनों में कुछ बदलाव लाये गए, इसके बाद इस बिल्डिंग को बनाने की अनुमति दी गई।

ये बिल्डिंग जापानी इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है तथा जापान का प्रमुख टूरिस्ट आकषर्ण भी है।

Guleta d’Archei – A geological miracle – A lake in the Sahara Desert

35 लाख वर्ग मिल क्षेत्र में फैले सहारा रेगिस्तान (Sahara Desert) को विश्व का सबसे बड़ा रेगिस्तान होने का गौरव प्राप्त है। यहाँ आप कहीं भी नज़र दौड़ाए आपको केवल और केवल धूल नज़र आएगी। यह ज़िंदा रहने के हिसाब से दुनिया के सबसे कठिन इलाकों में से एक है।

लेकिन कहते है ना कि प्रकृति कभी-कभी चमत्कार करती है। ऐसा ही एक चमत्कार सैकड़ों साल पहले सहारा में हुआ था जब कुछ भूगर्भीय गतिविधियों के कारण ज़मीन की गहराइयों से पानी सतह पर आकर इकठ्ठा हो गया और एक तालाब का रूप ले लिया।

ऐसे तालाब भूगर्भीय भाषा में गुएल्टा (Guelta) कहलाते हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि यह कभी सूखते नहीं है, इनमें ज़मीन से सीमित मात्रा में जल निरंतर आता रहता है।

सहारा में स्तिथ इस गुएल्टा का नाम ‘गुएल्टा दी आर्चेई’ है। यह गुएल्टा जो कि नॉर्थ -ईस्ट चाड के Ennedi Plateau क्षेत्र में स्तिथ है और ऊंचे ऊंचे सैंडस्टोन के पठारों से घिरी हुई है।

गुएल्टा के के पठारों के ऊपर रॉक पेंटिंग भी बनी हुई है जो कि मध्य अभिनव काल की है। यह इस बात का जीता जागता प्रमाण है कि ये गुएल्टा कितनी सदियों पुराना है।

 

Krubera Cave : दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी गुफा

क्या आप जानते हैं दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी गुफा का नाम क्रुबेरा केव है, जो अबखाज़िया (Arabika Massif) में स्थित है। यह एक बड़ा ही दुर्गम इलाका है, यहाँ पर साल में केवल 4 महीने ही जाया जा सकता है।

क्रुबेरा केव की खोज 1960 में हुई थी, इसे सब से बड़ी गुफा का दर्जा 2001 में मिला जब Ukrainian Speleological Association का एक दल इसमें 1710 मीटर (5610 फुट) की गहराई तक गया यह उस वक्त तक ज्ञात सब से गहरी गुफा से 80 मीटर ज्यादा गहरी थी।

सन 2004 में दुबारा Ukrainian Speleological Association का एक दल इसमें उतरा, अब की बार वो 2080 मीटर (6820 फुट) तक की गहराई नापी।

सन 2012 में विभिन्न देशों के 59 स्पेलियोलॉजिस्ट का दल इसमें उतरा और गहराई 2197 मीटर (7208) फुट नापी और एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस दल ने क्रुबेरा केव में 27 दिन बिताये।

क्रुबेरा केव का अन्वेषण बहुत ही मुश्किल है, एक तो यहाँ साल में 4 महीने ही जाया जा सकता है, ऊपर से अबखाज़िया के राजनीतिक हालात भी ठीक नहीं रहते। इसलिए अनुमति आसानी से नहीं मिलती।

अबखाज़िया ने 1999 में खुदको जॉर्जिया से अलग स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया है लेकिन जॉर्जिया आज भी उसे अपना हिस्सा मानते हैं।

– भागीरथ सिंह जड़ेजा

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