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Month: March 2019

नायिका – 23 : तीन शब्दों का जादू

उन तीन लफ़्ज़ों को लेकर घर लौटी… सिर दर्द का बहाना बनाकर औंधे मुंह लेटी रही… 2 घंटे निकल गये… शायद यकीन न आये तुमको लेकिन अपनी 33 साल की उम्र में हज़ारों बार ये शब्द कहे होंगे और सुने होंगे लेकिन ऐसा पहली बार हुअ कि मेरे कहने से पहले किसी ने पहली बार […]

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अर्जुन – 3 : ख्यालों के पुलाव नहीं होते पात्र

और ये हर बार तुम अज्ञेय सी क्लिष्ट भाषा में बात क्यों करने लगते हो. क्यों उपन्यास की गुणवत्ता में भाषा का कोई सहयोग नहीं होता? तुम्हारा मतलब है प्रेमचंद और गुरुदत्त अच्छे उपन्यासकार नहीं थे? मैंने ये तो नहीं कहा… भाषा ऐसी हो जो सबको समझ आए… प्रेमचंद पढ़ने वालों को भी और अज्ञेय […]

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अपने जीवन का तो एक ही फंडा है जानम, हंसिबा खेलिबा धरिबा ध्यानं

जब संयम साधो तो साधते चले जाओ जब संसार साधो साधते चले जाओ यह मत देखो क्या साधा जा रहा है, देखो यह कि क्या तुम्हें साधना आ रहा है… कहते हैं न एक साधे सब सधे… इसलिए आप जब संन्यास को साध लेते हैं तो आपकी सारी बातें एक साथ सधती चली जाती है. […]

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अपने जीवन का तो एक ही फंडा है जानम, हंसिबा खेलिबा धरिबा ध्यानं

अपने जीवन का तो एक ही फंडा है जानम, हंसिबा खेलिबा धरिबा ध्यानं कहते हैं न एक साधे सब सधे… इसलिए आप जब संन्यास को साध लेते हैं तो आपकी सारी बातें एक साथ सधती चली जाती है. बस शर्त यही है कि आप संन्यास का वास्तविक अर्थ समझें. संन्यास यानि सांसारिक चीज़ों को त्यागना […]

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मुझे बरबाद करने की फ़िराक में ये आदमी

ज़िंदगी में पहली बार काम-धाम के बारे में तब सोचा, जब बड़े राजकुमार चिरंजीव ज्योतिर्मय जी के हमारे घर आने के संकेत मिले…. सोचा और सफलतापूर्वक शुरू हो गया… पर अब एक आदमी मुझे बरबाद करने की फ़िराक में है…. फिर छोटे राजकुमार चिरंजीव गीत के आने से पहले, परिवार बढ़ने की आहट पा, ज़िंदगी […]

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अर्जुन – 2 : गुनाहों का देवता है हर पात्र

यार एक बात बताओ तुम मुझे परफेक्ट बनाना चाहते हो या कम्पलीट? अर्जुन भौचक्का-सा उसकी तरफ देखता रह गया. उसने कभी उससे इस तरह से बात नहीं की थी. अर्जुन ने एक पल को खुद को संभालते हुए सोचा जब पात्र बड़ा होने लगे तो उससे दोस्ती कर लेना ही उचित है. उसने ज्ञानी मुद्रा […]

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केले के पत्तों से पाएं स्वस्थ शरीर, घने बाल, सुन्दर त्वचा और बीमारियों से मुक्ति

जब से वैद्य राजेश कपूर का आशीर्वाद मिला है, मैं अधिक से अधिक प्रकृति के समीप रहने लगी हूँ, और उसके संकेतों के प्रति ग्रहणशीलता बढ़ी हुई सी अनुभव हो रही है। अब जब घर के बाहर निकलती हूँ तो नज़रें किसी न किसी उपयोगी वृक्ष और गायों के झुण्ड पर लगी रहती है। ऐसे […]

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Period : End of Sentence : तन ढंकने वाले कपड़ों पर मज़हबी दखलअंदाज़ी

ईरान जानते हैं? मिडिल ईस्ट का दूसरा सबसे बड़ा देश। मुस्लिम बहुल जनसंख्या वाला मुल्क है। कुछ महीनों पहले वहाँ पर #چالش_آتش_زدن_قرآن काफ़ी trend हुआ था। जिसका मतलब है – Burn The Qur’an Challenge! इसकी वजह ये कि इस्लामिक क्रांति के बाद से ही वहाँ पर सभी महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब पहनना […]

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नाग लोक का रहस्य – 7 : नाग आर्य थे या अनार्य

नाग आर्य थे या गैर-आर्य, इस प्रश्न के उत्तर में बहुत कुछ लिखा गया और अधिकतर विद्वानों का यही मानना है कि आर्यों के भारत में आने से पहले नाग द्रविड़ थे जो भारत के उत्तरी क्षेत्र में रहते थे. आर्यन आव्रजन सिद्धांत के विवाद में प्रवेश के बिना, जो नवीनतम शोधकर्ता द्वारा मिथक साबित […]

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अर्जुन -1 : प्रस्तावना, सार्त्र से पात्र तक

एक क्रांतिकारी, अद्भुत, जैसा कभी ना लिखा गया हो ऐसा उपन्यास रचने का सपना अर्जुन को चेतना के उस तल तक ले जा रहा था, जहां की एक झलक मात्र उसके हाथ से कलम छुड़ा देती थी… उसने जाना था कि यदि वह सबसे गहरे तल पर जाकर कुछ लिखने का प्रयास करेगा तो कभी […]

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