अपने जीवन का तो एक ही फंडा है जानम, हंसिबा खेलिबा धरिबा ध्यानं

जब संयम साधो तो साधते चले जाओ जब संसार साधो साधते चले जाओ यह मत देखो क्या साधा जा रहा…

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मुझे बरबाद करने की फ़िराक में ये आदमी

ज़िंदगी में पहली बार काम-धाम के बारे में तब सोचा, जब बड़े राजकुमार चिरंजीव ज्योतिर्मय जी के हमारे घर आने…

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अर्जुन – 2 : गुनाहों का देवता है हर पात्र

यार एक बात बताओ तुम मुझे परफेक्ट बनाना चाहते हो या कम्पलीट? अर्जुन भौचक्का-सा उसकी तरफ देखता रह गया. उसने…

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केले के पत्तों से पाएं स्वस्थ शरीर, घने बाल, सुन्दर त्वचा और बीमारियों से मुक्ति

जब से वैद्य राजेश कपूर का आशीर्वाद मिला है, मैं अधिक से अधिक प्रकृति के समीप रहने लगी हूँ, और…

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Period : End of Sentence : तन ढंकने वाले कपड़ों पर मज़हबी दखलअंदाज़ी

ईरान जानते हैं? मिडिल ईस्ट का दूसरा सबसे बड़ा देश। मुस्लिम बहुल जनसंख्या वाला मुल्क है। कुछ महीनों पहले वहाँ…

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अर्जुन -1 : प्रस्तावना, सार्त्र से पात्र तक

एक क्रांतिकारी, अद्भुत, जैसा कभी ना लिखा गया हो ऐसा उपन्यास रचने का सपना अर्जुन को चेतना के उस तल…

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