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Day: January 5, 2019

जीवन की रेसिपी : आणंद ना गोटा

यह एक गुजराती रेसिपी है, और चूंकि गुजरात में हर खाने की चीज़ में शक्कर या मीठे का उपयोग होता ही है इसलिए शायद उनकी बोली भी इतनी ही मीठी लगती है. तो गुजरात में रहने वालों के लिए गोटा कोई नई चीज़ नहीं, लेकिन जो गुजरात के बाहर रहते हैं, और उन्होंने गुजरात तरफ […]

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नायिका – 13 : विनय + नायक = विनायक

नायिका – डर तो अब भी है… एक औरत होने का………. डर अब भी है ……… रिश्तों और बातों में पारदर्शिता का डर अब भी है………………… शनिवार की रात के सपने का और रविवार की रात की बैचेनी का .. सपनों वाली रात …..एक अदृश्य सा व्यक्ति मेरे साथ घूम रहा है….. मैं खाना खा […]

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परी : वास्तविक घटना पर आधारित एक काल्पनिक कहानी

(1) कुछ रिश्ते खून के होते हैं, कुछ रिश्ते समाज में रहते हुए संबोधन के होते हैं और कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो ज़हन में उगते रहते हैं, उनका कोई नाम नहीं होता लेकिन उसकी खुशबू आपकी आँखों से बरसकर मुस्कान में मिलकर हाथों के ज़रिये किसी के माथे को छूती है, तो बरसों […]

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यात्रा : पाटलिग्राम, पाटलिपुत्र, पुष्पपुर, कुसुमपुर, अज़ीमाबाद से पटना तक की कहानी

आप सबने जूही की फिल्म हम है राही प्यार के फिल्म का यह गाना तो सुना ही होगा… बंबई से गयी पूना, पूना से गयी दिल्ली, दिल्ली से गयी पटना, फिर भी न मिला सजना…. तो जानेमन ऐसा है आपको पटना में यदि सजना नहीं भी मिलता है तो बिलकुल ग़म न करियेगा क्योंकि पटना […]

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जीवन है मेरा चुनाव, आपका चुनाव चिह्न क्या है?

कभी कभी उन सारे क्रिया कलापों से छुट्टी लेकर देखिये जिनमें लगातार आपकी उपस्थिति दर्ज होती है. जैसे मैं कभी कभी सोशल मीडिया या मेकिंग इंडिया साप्ताहिकी के लेखों से गायब रहने का प्रयास करती हूँ, क्योंकि मुझे कभी कभी लगता है मुझे लगातार झेलना ज़रा मुश्किल है, इसलिए एक ब्रेक ज़रूरी होता है. मैं […]

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शरीर साधन है : पुरुष, जिस पुर में परमात्मा बसा है

शरीर को दोष देने वाला बिलकुल निर्बुद्धि है. उपनिषद की इस धारणा को समझकर, आप इस सूत्र में प्रवेश करें. सरल विशुद्ध ज्ञानस्वरूप अजन्मा परमेश्वर का ग्यारह द्वारों वाला मनुष्य शरीर नगर है, पुर है. इसलिए हमने मनुष्य को पुरुष कहा है. पुरुष का अर्थ है जिसके भीतर, जिस पुर में परमात्मा बसा है, जिस […]

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मानो या ना मानो : शकुन शास्त्र -1

“जोंक- यह जल कृमि बैरोमीटर का अच्छा काम देता है. शीशे के बड़े पात्र में जल भरकर इसे पाला जा सकता है. वर्षा होने वाली होगी तो यह जल के तल भाग में जा बैठेगा, आंधी आने वाली हो तो यह बेचैनी से तैरता है. यह जल के ऊपर मजे में तैरता हो तो समझना […]

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