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Day: November 3, 2018

अंगरेज़न : जंगल की रानी

जिनको जिनको भी मिलना है लिखा इश्क़ मिलवायेगा दूर दूर से ढूंढ ढूंढ के पास ले आएगा कहीं भी जाके छुपो इश्क़ वहीँ आएगा कितना भी ना ना करो उठा के ले जायेगा मानो या न मानो ये सारी ही दुनिया इसी के दम पे चले… यह सिर्फ एक गीत नहीं, मेरे जीवन का रहस्य […]

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तब आनंद से जीते थे जब खाने के काम आती थीं ब्लैकबेरी और एप्पल जैसी चीज़े

नब्बे के दशक में हम आज की तरह सेलेक्टिव नहीं हुआ करते थे… मतलब कि चीजों को खुद के लिए चुनने के इतने विकल्प नहीं थे. याद कीजिये उन दिनों कितनी बार हम सबके साथ ऐसा होता था कि आप घर से सुबह स्कूल के लिए निकले. स्कूल पहुंचे तो पता चला कि आज तो […]

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समुद्र मंथन : शुभ-अशुभ हमारी धारणा है, प्रकृति की नहीं

दो विपरीत विचार स्वभाव के समूह देव और दैत्यों के सहयोग से, समुद्र में विपरीत धारायें उत्पन्न की गईं, जिससे कई रत्नों के साथ अमृत पाया गया। गुण अवगुण, सभी प्रकृति में उपयोगी होते हैं। प्रकृति गुण अवगुण के सम्मिलन से ही बनी है। विपरीत के अभाव में अस्तित्व को सिद्ध कर पाना संभव ही […]

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मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं : वर्जित बाग़ की गाथा

ये समीक्षा नहीं है, सचमुच समीक्षा नहीं है. समीक्षा तो पुस्तक की होती है, जीवित गाथाओं की नहीं. अच्छा बुरा पहलू तो लिखे हुए हरूफ़ का देखा जाता है, उन हरूफ़ का नहीं, जो रूह बनकर गाथाओं के शरीर में बसते हों. कुछ हर्फ आँखों से गुजरकर चेतना बनकर हमारे अचेतन मन में ज़िंदा रहते […]

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