Menu

Day: July 28, 2018

मानो या ना मानो -7 : महासमाधि की झलक

पिछले महीने ‘युगन युगन योगी’ यह पुस्तक एक मित्र के माध्यम से जादुई रूप से पहुँची थी… यूं तो मैं आजकल सद्गुरु को दिन रात यूट्यूब पर सुनती रहती हूँ, लेकिन पुस्तक पढ़ने का जादू क्या होता है वो मैंने ‘वर्जित बाग की गाथा’ और ‘हिमालायीवासी गुरु के साए में श्री एम’ पुस्तक से जाना […]

Read More

मानो या ना मानो – 6 : अग्नि के मानस देवता

मानो या न मानो भाग-5 के आगे… चार साल बाद मिली उस ड्रेस को पहनने के बाद मैं खुद को कहीं की परी समझने लगी थी, उम्र को मैंने कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया इसलिए कोई भी ड्रेस किसी भी उम्र में पहनने में मुझे कभी कोई झिझक नहीं हुई। तो मेरी वह […]

Read More

मानो या ना मानो – 5 : इच्छापूर्ति के लिए कायनाती षडयंत्र

बात उन दिनों की है जब फैशन डिजाइनिंग का शौक चढ़ा था… अधिकतर ड्रेस मैं अपने हाथों से बना लेती थी, बात शायद 2002 के आसपास की होगी, विचार आया था कि अपने इस शौक को क्यों न प्रोफेशनल रूप में सीखकर करियर बना लूं, तो उन दिनों NIFT में दाखिला लेने भी गयी थी […]

Read More

मानो या ना मानो – 4 : पिता के अंतिम दर्शन

पिता की मृत्यु के बाद लिखे दो लेख- सत्य से मुंह फेर कर खुद को समेट समेट कर जीते रहने की आदत औरत में जन्म के साथ पड़ जाती है, क्योंकि वह अपनी माँ को और माँ की माँ को भी इसी तरह जीते हुए देख चुकी होती है। पूछने पर जवाब भी यही मिलेगा […]

Read More

मानो या ना मानो – 3 : मुक्ति के यज्ञ में पिता ने दी आहुति

पिछले वर्ष जीवन एक चिलक हो गया था… चिलक जानते हो ना, पीठ की अकड़न से उठने वाली पीड़ा… भयंकर दर्द… असहनीय… ऐसा कि बस मुंह से अंतिम शब्द जो निकला था … पापा मुझे अपने पास बुला लो… बस अब नहीं जीना मुझे… मैं जीना नहीं चाहती… अपने पास बुला लो… पापा मेरे उलटे […]

Read More

मानो या ना मानो – 2 : हनुमान दर्शन

(यह पिछले वर्ष मुझ पर हुए आध्यात्मिक प्रयोग पर लिखी सम्पूर्ण घटना जीवन पुनर्जन्म का एक अंश भर है) उन दिनों मैं पिछले जन्म में हुए किसी गुनाह के भय से जूझ रही थी जिससे मुक्त करने के लिए मुझ पर प्रयोग हो रहे थे। भय से मुक्ति के लिए एकमात्र साधना है हनुमान तत्व […]

Read More

मानो या ना मानो -1 : चन्दन-वर्षा

इश्क़ जब उम्र का चोला सिलता है तो उसमें मिलन की झालर में लगे तुरपाई के तंतु इतने संवेदनशील हो जाते हैं कि चेतना तक पैरहन के लिए लालायित हो जाती है। आप मानो या ना मानो लेकिन ये ऐसी ही इश्क़ की कहानी है कि मृत्यु के पश्चात भी वो आशिक़ से मिलने आती […]

Read More
error: Content is protected !!