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Day: May 1, 2018

सदमा : अंग्रेज़ी वर्णमाला का नौवां वर्ण ‘I’ यानी ‘मैं’ का खो जाना

प्रेम का नफरत में बदल जाना, प्रेम में धोखा खाना, यहाँ तक कि प्रेम का मर जाना भी बर्दाश्त हो जाता है… नीलकंठ की तरह कंठ में इस पीड़ा को धारण किये भी कभी कभी इंसान पूरा जीवन गुज़ार लेता है. कुम्भ के विशाल मेले में पिता की ऊंगली छूट जाने से खो गए किसी […]

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‘जीवन’ काँटा या फूल मुझे तय करने दो : झमक घिमिरे, जैसे झमकती नदी की उन्मुक्त हंसी

बच्चा जब माँ के पेट में होता है वो तभी से माँ की भाषा समझने लगता है… क्योंकि प्रकृति का नियम है कि संवेदनाएं बाहर से अन्दर की ओर प्रवाहित होती हैं… लेकिन काश माँ इस प्रवाह के नियम के विपरीत जाकर गर्भ में पल रहे बच्चे की भी भाषा समझ पाती तो वो बता […]

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