Menu

Day: April 28, 2018

शेरोन : जिसे रचा गया है साँसों के संतूर पर, आत्मा की लय में, एक सुंदर शरीर में!

सुनो शेरोन ! वैसे तो मौन ही सबसे अच्छी भाषा है अभिव्यक्ति की, फिर भी कह देता हूँ कि तुम बला की खूबसूरत “थी “! जब देखा था पहली बार तुम्हे सिल्वेस्टर स्टेलोन के साथ, स्नानागार में केलिरत! आलिंगनबद्ध! अद्वैत होते! मैं भी था जड़वत, मुग्ध, कीलित एवं यंत्रवत! यौवन की जलधि में उफनता तुम्हारा […]

Read More

मनुष्य या एलियंस : मिलिए दुनिया के 7 अद्भुत बच्चों से

यूं तो हर माता पिता को अपना बच्चा दुनिया का सबसे अद्भुत बालक लगता है. लेकिन आज हम आपको वाकई ऐसे अद्भुत बच्चों से मिलवा रहे हैं जिनके पास कोई सुपर पावर होने के कयास लगाए जाते हैं. आजकल के बच्चे टीवी पर सुपर पावर वाले कार्टून्स या सीरियल देखते हैं तो उनको लगता है […]

Read More

ऑक्टोबर : जीवन-अजीवन के महीन फ़र्क़ को सिखाती फिल्म

धुँध से उठती एक महीन धुन, शाख़ पर खिलता फूल, टूट कर बिखरता चाँद हो या फिर पत्तों की सरसराहट; दरअसल भाषायी संस्कारों में ये सभी प्रकृति की अद्भुत लीला के प्रतीक भर हैं. इस लीला से साक्षात्कार आपको अपनी ओर सिर्फ़ खींच ही नहीं लेता है वरन् बिठा लेता है अपने पास और जादू […]

Read More

जीवन को जो दिशा दे, ऐसा शिक्षक आना चाहिए हर छात्र के जीवन में

रात के डेढ़ बजे हों… मैं होऊं… मेरी साइकिल हो… दस-बारह फ़ीट चौड़ी सड़क हो… आगे-पीछे से कोई आता जाता न हो… मैं चलते-चलते ही ऊँघकर सो जाऊं… आगे बढ़ते हुए सो न भी पाऊँ तो कम से कम इस असम्भव सी कल्पना में खो जाऊं… मेरी कल्पना में 2007 की वो फ़िल्म ‘तारे जमीं […]

Read More

तू किसी और की जागीर है जान ए ग़ज़ल, लोग तूफ़ान उठा देंगे मेरे साथ ना चल

ग़ज़ल सुनना आजकल जैसे बुद्धिजीवी होने का पर्याय होता जा है. कई तो ऐसे मिल जायेंगे जो ठीक से “ग़ज़ल” शब्द का उच्चारण नहीं कर सकते पर ग़ज़ल का शौक़ीन होने का दम्भ भरते नज़र आते हैं. अब ऐसे में समझ कितना आता है ये तो वो ही जानें या ऊपर वाला जाने. ये भी […]

Read More

सारे नियम तोड़ दो, नियम पे चलना छोड़ दो

कोटा की कोचिंग ने जब मेरी ज़िंदगी की लगानी शुरू की तो मेरे अंदर अध्यात्म जाग गया और मैं ढूंढने लगी किसी गुरु को जो मुझे शरण में ले और दुनिया के मोह-माया से आजाद करवाये. कोटा में हर दूसरा बच्चा प्रेशर में इतना पक कर गुलगुला हो चुका होता कि पढ़ाई के लिये दिल […]

Read More

जीवन के MONACO BISCUITS पर कुछ TOPPINGS हो जाए!

बिस्कुट एक ऐसी चीज़ है जो अमूमन सभी उम्र के लोग खाते हैं. चाय में डुबोकर, शाम की हल्की भूख के समय, या यूं ही कभी मन हो आता है बिस्कुट खाने का. आलू ही की तरह बिस्कुट हर जगह फिट हो जाते हैं, चाहे नाश्ता हो या खाना. इसको खाने का कोई निश्चित समय […]

Read More
error: Content is protected !!